भारत की प्रथम शिक्षिका व सामाजिक क्रांति की योद्धा माता सावित्रीबाई फुले का 187वां जयन्ती समारोह धूमधाम से मनाया गया।


नमन सावित्री बाई फुले को,नारी शिक्षा की ज्योति जलाई।
नारी को शिक्षित करने की,नई परम्परा जिसने चलाई।।
संघर्षों में अटल रही वो, सदा अपने लक्ष्य पर डटी रही-
अपमानों का गरल पान कर,जनता की बस करी भलाई।।
दिनेश बंसवाल ने कहा कि देश की प्रथम महिला शिक्षक एवं समाजसेविका सावित्री बाई फूले जी ने उन्नीसवी शताब्दी में भारतीय समाज में व्याप्त छूआ छूत,सती प्रथा,बाल विवाह तथा विधवा विवाह निषेध जैसी कुरीतियों आजीवन लड़ाई लड़ी। राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।सामाजिक समरसता मंच द्वारा प्रतिभागी बच्चों को स्मृति चिन्ह्र देकर सम्मानित किया गया और सभी को प्रसाद वितरण किया गया।