चुनाव के आते ही सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा का प्रदेशव्यापी आन्दोलन हुआ तेज़, गुरुवार को जेल भरो आन्दोलन कर बनाया दबाव। ।



वरिष्ठ उप प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि सातवें वेतन अायोग की सिफारिशों के अनुसार केन्द्र सरकार भत्तों में जुलाई, 2017 में बढोतरी कर चुकी है । लेकिन हरियाणा सरकार ने अभी तक मकान किराया व मेडीकल भत्तें में कोई बढोतरी नही की है । जिसके कारण कर्मचारियों को 2500 से 10,000 तक का नुकसान प्रति महीने हो रहा है । उन्होने कहा की सरकार न तो कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की कोई स्थाई नीति बनाने को तैयार है और न ही बिना भेदभाव के उन्हें समान काम, समान वेतन देने को तैयार है । सरकार कर्मचारियों व पैंशनर्ज एंव उनके आश्रितों को वास्तविक खर्च पर आधारित कैशलेस मेडीकल सुविधा देने, पुरानी पैंशन व एक्स-ग्रेसियां रोजगार स्कीम को बहाल करने तक को तैयार नही है । उन्होने कहा कि सरकार श्रम सम्मेलन में पारित प्रस्ताव के बावजूद आंगनबाड़ी, आशा व मिड -डे- मील वर्करों को कर्मचारी का दर्जा व न्यूनतम वेतनमान देने को तैयार नही है । उन्होने आरोप लगाया की बेरोजगारो का सक्षम व अप्रेंटिस का नाम पर शोषण किया जा रहा है । आन्दोलन के बाद होने वाले समझौतो को लागू न करने पर कर्मचारियों को बार बार आन्दोलन करने पर मजबूर है । जिला प्रधान अशोक कुमार व सचिव युद्धवीर सिंह खत्री ने बताया की जिस दिन विधान सभा का मौनसूनस्तर शुरू होगा उसी दिन को विभिन्न विभागों के कर्मचारी चण्डीगढ पहुंच कर सामूहिक गिरफ्तारी देंगे । उन्होने सभी विभागों के कर्मचारियों से विधान सभा घेराव में भारी संख्या में शामिल होने का आह्लान किया ।प्रदर्शन को रमेश पाल,करतार जागलान,डिगम्बर डागर, सतपाल नरवतरिटायर्ड कर्मचारी ,विजय देव तेवतिया,नवल सिंह ,बलबीर बालगुहेर,सब्बीर अहमद, ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के मनोज कुमार ने भी सम्बंधित किया।