युवा वर्ग अपनी कार्यशैली में समयबद्ध लाएं और उत्पाद सेवाओं के लिये निरंतर कार्य करें। जेपी मल्होत्रा।
CITYMIRR0RS-NEWS- यंग इंजीनियर्स को एक अच्छा लिसनर (सुनने वाला) होना चाहिए और अपने भीतर सुनने की अच्छी आदत को विकसित करना चाहिए। डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान श्री जे पी मल्होत्रा ने सतयुग दर्शन इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टैक्नोलॉजी के तीसरे वर्ष के मैकेनिकल इंजीनियर्स के ३२ युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इंजीनियर्स में सुनने की क्षमता से उनकी स्किल निखरती है, त्रुटियों का पता चलता है और उसमें सुधार की संभावना बनी रहती है। सतयुग दर्शन का यह गु्रप भारतीय बाल्वस प्रा0 लिमिटेड में विजिट के लिये आया था। श्री मल्होत्रा ने युवा वर्ग से आह्वान किया कि वह अपनी कार्यशैली में समयबद्ध लाएं और उत्पाद सेवाओं के लिये निरंतर कार्य करें। आपने कहा कि ग्राहक की संतुष्टि व उसकी प्रसन्नता वास्तव में हम से ही आरंभ होती है जिसे स्पर्धा को बहाना बनाकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। श्री मल्होत्रा ने गुणवत्ता, लागत और डिलीवरी के लिये विशेष रूप से फोकस केंद्रित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
श्री मल्होत्रा ने आंत्रेप्यूनरशिप के संबंध में कहा कि इसमें हमारा एटीट्यूट महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आपने कहा कि हमें अपनी धारणा क्या फर्क पड़ता है से बहुत फर्क पड़ता है की ओर परिवर्तित करनी होगी क्योंकि यही सफलता की ओर पहला पग है। श्री मल्होत्रा ने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक किताबें पडऩे, ट्रेनिंग के प्रति गंभीर होने तथा अपने जीवन में अच्छे गुण विकसित करने का भी आह्वान किया।
टैप डीसी की सुश्री चारू स्मिता मल्होत्रा ने कम्युनिकेशन स्किल पर अपनी प्रेजैन्टेशन में मौखिक, लिखित, औपचारिक, अनौपचारिक कम्युनिकेशन पर विस्तारपूर्वक जानकारी देते कहा कि कम्युनिकेशन स्पष्ट, सटीक, पारदर्शी, सही, सुसंगित, पूर्ण, विनम्र, संक्षिप्त होनी चाहिए। श्री मल्होत्रा ने कहा कि समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता, कल इतिहास है और आने वाला कल एक रहस्य है, ऐसे में केवल आज ही एक गिफट है जिसका हमें भरपूर लाभ उठाना चाहिए। विजिट के दौरान विद्यार्थियों ने कई प्रश्र भी पूछे जिनका संतोषजनक उत्तर दिया गया। विद्यार्थियों के साथ सतयुग दर्शन की टीम भी उपस्थित थी।