रक्तदान से बड़ा दान कोई और नही हो सकता । सुषमा गुप्ता


शिविर की मुख्य अतिथि सुषमा गुप्ता ने रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि प्रत्येक मनुष्य को रक्तदान अवश्य करना चाहिए। रक्तदान करने से कोई कमजोरी नहीं आती है। इससे किसी की अनमोल जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा रक्तदान से बड़ा दान कोई नहीं है।
जिला रेडक्रास सोसायटी के सचिव विकास कुमार ने कहा कि रक्तदान को महादान सिर्फ इसलिए ही कहा गया है क्योंकि रक्तदान यानी ब्लड डोनेशन करने से न सिर्फ आप खून देकर दूसरों की जान बचाते हैं बल्कि इससे आपकी सेहत को भी कई तरह से फायदा होता है। इससे न सिर्फ आपका स्ट्रेस कम होता है, आप इमोशनली बेहतर महसूस करते हैं और नेगेटिव फीलिंग्स दूर होती है बल्कि रक्तदान करने से दिल से जुड़ी बीमारियों और हार्ट अटैक का खतरा भी कम हो जाता है।
वहीं डा. एम.पी. सिंह व कालेज प्राचार्य डा. के.के. गुप्ता ने संयुक्त रूप से कहा कि 18-55 साल का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। क्तदान करने से आदमी कमजोर हो सकता है, लेकिन डॉक्टर बताते हैं कि रक्तदान करने से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता, बल्कि इससे हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर का खतरा बेहद कम हो जाता है।